गर्मी का मौसम शुरु होते ही हमें सबसे ज्यादा जरुरत पानी की होती है, शादी विवाह हो या फिर दुकानें इनका काम डब्बे वाले पानी से ही चलता। लेकिन ज्यादातर वाटर सप्लायर थोड़े से फायदा को लेकर पानी की गुणवत्ता को गिराने से बाज नहीं आते। कस्टमर को स्वच्छ पानी मिले और सप्लायर को भी फायदा हो, इन्हीं सब बातों को लेकर रविवार को वाटर सप्लायर एसोशिएशन द्वारा सभी सप्लायरों की एक बैठक ली गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान वाटर सप्लायर एसोशिएशन के अध्यक्ष एवं युवा नेता मोहम्मद आजाद ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी को एक रेट में पानी की सप्लाई, और ग्राहकों को स्वच्छ पानी देने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि हमारा पहला उद्देश्य यही है कि किसी भी ग्राहक को पानी की गुणवत्ता को लेकर कोई परेशानी न आए। और आम जनता को बेहतर से बेहतर पानी दे पाए। मंहगाई को देखते हुए इसका रेट अब 40 रूपये किया जा रहा है, पानी की कीमत कम होने से इसका धंधा करने वालों को काफी नुकसान हो रहा था। टूटे फूटे डब्बे और टंकी में पानी की सप्लाई ये सब एक मई से बंद किया जाएगा। यूनियन द्वारा उन लोगों के लिए सख्त हिदायत दी है, जो कम पैसे में अशुद्ध पानी की सप्लाई करते है। उन्होंने ग्राहकों से भी अपील की है कि आप पानी की गुणवत्ता पे ध्यान दे, और शुद्ध पानी ले, पैसे पर मत जाए और 20 रुपए और 15 रूपये वालों से पानी बिल्कुल न ले। यूनियन द्वारा एक और कड़ा निर्णय लिया गया है कि, ऐसे वाटर प्लांट जिनके पास दस्तावेज नहीं है, बिना एफएसआई और बिजली का लाइसेंस, एनओसी, नहीं है फिर भी वो धड़ल्ले से मार्केट में आकर लोगों के स्वास्थ के साथ खिलवाड़ कर रहे है। ऐसे लोग 15 दिन के अंदर पानी का प्लांट बंद करेंगे या फिर वापस से पानी की क्वालिटी पर आएंगे।


















