महिला सुरक्षा कर्मी ने खोली अस्पताल प्रबंधन और वार्ड बॉय के बीच चल रहे दलाली के खेल की पोल, वार्ड बॉय के कहने पर एबीजी की जांच होती है बाहर, महिला सुरक्षा कर्मियों के साथ होता है अभद्र व्यवहार, महिला बोली रोजी-रोटी के लिए सहना पड़ता है वार्ड बॉय द्वारा दी जाने वाली मानसिक और शारीरिक यातनाए।
संभागीय संजय गांधी अस्पताल में चल रहा दलाली का खेल बुधवार को उस वक्त सामने आ गया जब एजाईल कंपनी की महिला सुरक्षा कर्मी ने रोजी-रोटी का हवाला देते हुए किए जा रहे उनके शोषण को कैमरे के सामने रख दिया, महिला सुरक्षा कर्मी नीता शुक्ला ने बताया कि संजय गांधी अस्पताल में ब्लड बैंक में दलाली सहित बाहर की दवाई प्रिस्क्रिप्शन में लिखना बाहर की जांच प्रिस्क्रिप्शन में लिखना इसके अलावा महिला सुरक्षा कर्मियों का मानसिक और शारीरिक शोषण करना यहां के वार्ड बॉय के लिए आम बात है रोजी-रोटी के कारण हम लोगों द्वारा इसकी शिकायत कई बार कंपनी के अधिकारियों से भी की गई लेकिन संबंधितों की विरुद्ध प्रबंधन ने आज तक कोई कार्यवाही नहीं की जिससे साफ पता चलता है कि प्रबंधन और वार्ड बॉय के बीच में एक सांठ गांठ है कंपनी के दबाव के चलते हम लोग अपनी पीड़ा या अपनी शिकायत सीधे प्रबंधन से नहीं कर पाते जिसका फायदा उठाते हुए वार्ड बॉय नशे की हालत में हम महिला सुरक्षा कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं आज भी तृतीय तल के वार्ड के अंदर हो रहे इसी तरह के एक घटनाक्रम में वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी ने अपनी आपत्ति जता दी जिसके बाद नशे में धुत वार्ड बॉय ने उसे सुरक्षा कर्मी के सर में डंडे से प्रहार कर दिया इतना ही नहीं इनके हौसले इस कदर बुलंद है कि जब हम घायल सुरक्षा कर्मी को लेकर अमहिया थाने की ओर जा रहे थे तब सब वार्ड बॉय मिलकर ऑटो के सामने खड़े हो गए अगर हम महिला सुरक्षा कर्मी उसे यहां से नहीं निकलती तो शायद यह सारे लोग मिलकर उसकी जान ले लेते बहरहाल अब महिला सुरक्षाकर्मी द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों के बाद देखना दिलचस्प होगा कि अस्पताल प्रबंधन का ऊंट किस करवट बैठेगा


















