छिंदवाड़ा सहित मऊगंज जिले में फार्मासिस्ट द्वारा दी गई अमानक दवाई से बच्चों की मौत होने के बाद, जिला प्रशासन ने आज ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में जैसे ही दवा दुकानों की जांच शुरू की तो पूरे दवा बाजार में हड़कंप मच गया।

लगभग आधा दर्जन दुकानों को स्थाई रूप से बंद करने के बाद जैसे ही जिला प्रशासन ने दवा बाजार की अन्य दुकानों की तरफ रुख किया तो आक्रोशित दवा व्यवसाईयों ने लामबंद होकर अपनी अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए, और स्वास्थ्य मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। वहीं प्रशासन के अधिकारी दवा व्यवसाईयों की बढ़ती नाराजगी को देख कार्रवाई को रोक कर मौके से रवाना हो गये।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दवा व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मीडिया को जानकारी देते हुए दवा व्यवसायी संघ के पदाधिकारी ने कहा कि यह प्रशासन की तानाशाही है। फार्मासिस्ट भी इंसान है दवा व्यवसाय में 19-20 की कमी चलती है। प्रशासन को इतना भी असंवेदनशील नहीं होना चाहिए। वहीं ज्ञापन लेने के बाद तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला ने बताया कि पूरे जिले में कलेक्टर के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। मेडिकल स्टोर में गड़बड़ी पाई जाएगी तो कार्रवाई की जाएगी।


















