रीवा कलेक्ट्रेट के सामने 3 वर्ष पूर्व हुए हत्याकांड के मामले में न्यायालय ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिसमें फैसले से ठीक पहले एक आरोपी न्यायालय परिसर से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि आरोपी इस हत्याकांड के मामले में जमानत में रिहा हुआ था। मामले के संबंध में जानकारी देते हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक डीएन मिश्रा ने बताया कि 3 वर्ष पूर्व कॉलेज चौराहे के पास आरोपियों ने पहले मृतक के साथ मारपीट की और उसके बाद बांस घाट में चाकू से गोद डाला था। जिसके बाद घायल अवस्था में युवक को संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद सिविल लाइंस पुलिस ने मामले में आरोपी राजेंद्र तिवारी, किशन सिंह और अमन गुप्ता के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया था।

वहीं पूरे मामले में उपचाराधीन युवक की मौत होने के बाद पुलिस ने प्रकरण में 302 की धारा बढ़ा दी और आरोपियों को हिरासत में ले लिया। प्रकरण के विचारण के दौरान आरोपी अमन गुप्ता को न्यायालय द्वारा जमानत दे दी गई। जिसके बाद अमन गुप्ता जेल से बाहर आ गया विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा 13 साक्ष्य रखे गए। जिसके आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस दौरान न्यायालय परिसर से जमानत में रिहा आरोपी फैसले से ठीक पहले फरार हो गया। जिसकी जानकारी मिलने के बाद न्यायालय ने कोर्ट परिसर से फरार हुए आरोपी को गिरफ्तार करने के आदेश पुलिस को दिए हैं।


















